Saturday, June 1, 2019

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1-ताँका-सुदर्शन रत्नाकर
1
एक चिड़िया
उड़ती आकाश में
गीत सुनाती
ऊँचाइयाँ है छूती
इधर से उधर।
2
सुबह होती
 चिड़िया चहकती
मन मोहती
वातावरण देखो
प्रकृति सँवारती ।
3
लगा है मेला
तारों संग निकला
चाँद सलोना
रात भर चमके
भोर ओझल हुए।
4
लो आ गई है
चूनर ओढ़े रात
सितारों वाली
चंदा रहेगा साथ
होने तक प्रभात।
5
चाँद आते हो
गोधूलि ख़त्म होते
तारों के संग
यामिनी को मनाने
गगन को सजाने।
6
चाँद आया था
उजियारा लेकर
मेरे आँगन
पर मैं सोती रही
बंद किए खिड़की।
7
बाल रश्मियाँ
फैलीं जो धरा पर
बजी घंटियाँ
थिरका झील-नीर
स्वागत विहान का।
8
सोया था कल
नभ के आग़ोश में
सिमटकर
सूर्य जगा है आज
धरा जो मुस्काई है।
9
विभिन्न रूप
विभिन्न आकृतियाँ
कैसे लाते हो
सावन में बादल
रंग अनेक तुम।
10
उड़ी आ रही
बादलों की पालकी
बैठी दुल्हन
वर्षा-शृंगार किए
धरती से मिलने।
11
कोसी धूप में
अलसाई दूब पे
चार क़दम
चलें हम साथ में
रास्ता कट जाएगा।
12
सोने -सा रूप
आँगन की धूप का
छुईमुई -सी
शर्माती उतरी है
सिमटी है बाहों में।
13
हो गया शुरू
धरती का उत्सव
हुई जो वर्षा
नहाई है प्रकृति
चहक उठे पक्षी।
14
सोई है धरा
ओढ़ चूनर नीली
आसमान की
चाँद -सितारों वाली
सूरज जगाएगा ।
15
नेह की बूँदे
बरसती आँगन
आता सावन
बजती सरगम
गाते पिक भ्रमर।
-0-
( नई लेखनी)
2-सेदोका -2-नीरू देवी

 जब कभी मैं
 पुकारता हूँ तुम्हें
 चले आते हो तुम
 मन - मंदिर
 जहाँ भी देखूँ उसे
 र आता साथ।
   -0-


18 comments:

Sudershan Ratnakar said...

बहुत सुंदर सेदोका नीरू जी।बधाई
त्रिवेणी में आपका स्वागत है।

bhawna said...

अहा!रत्नाकर दीदी के सुंदर, कुछ कोसे, कुछ खनखनाते ताँका पढ़कर मन विभोर हो गया। सभी एक से बढ़कर एक। बधाई दीदी

नीरू जी का सेदोका भी सुंदर। स्वागत आपका।
भावना सक्सैना

Dr. Purva Sharma said...

वाह ! हृदय प्रसन्न हो गया... बहुत ही सुंदर बेहतरीन ताँका।
हार्दिक बधाइयाँ सुदर्शन जी ।

सुंदर सृजन नीरू जी ....हार्दिक स्वागत एवं शुभकामनाएँ

Unknown said...

शुक्रिया जी��

Unknown said...

शुक्रिया जी

डॉ. जेन्नी शबनम said...

बहुत सुन्दर सुन्दर ताँका, बधाई रत्नाकर जी.
सुन्दर सेदोका के लिए नीरू जी को बधाई.

Sudershan Ratnakar said...

भावना, पूर्वा जी, जेन्नी जी हार्दिक आभार

रेनू यादव said...

सुन्दर पंक्तियाँ

Sudershan Ratnakar said...

🙏

पूनम सैनी said...

बहुत सुंदर ताँका और सेदोका।आप दोनों को हार्दिक बधाई।🙏

प्रियंका गुप्ता said...

बहुत सुंदर ताँका है रत्नाकर जी
नीरू जी का सेदोका भी बहुत अच्छा लगा...।
आप दोनों को हार्दिक बधाई...।

Jyotsana pradeep said...


बहुत सुंदर ताँका ...एक से बढ़कर एक और सेदोका भी प्यारा लगा,आद.दीदी और नीरू जी को हार्दिक बधाई !!

Jyotsana pradeep said...


बहुत सुंदर ताँका ...एक से बढ़कर एक और सेदोका भी प्यारा लगा,आद.दीदी और नीरू जी को हार्दिक बधाई !!

Jyotsana pradeep said...


बहुत सुंदर ताँका ...एक से बढ़कर एक और सेदोका भी प्यारा लगा,आद.दीदी और नीरू जी को हार्दिक बधाई !!

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...
This comment has been removed by the author.
Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

सुंदर दृश्य उकेरते ताँका एवं मनमोहक सेदोका!
हार्दिक बधाई आदरणीया सुदर्शन दीदी जी एवं नीरू जी!!!

~सादर
अनिता ललित

neelaambara said...

सुन्दर सृजन हेतु हार्दिक बधाई।

neelaambara said...

सुन्दर सृजन हेतु हार्दिक बधाई।
डॉ कविता भट्ट 'शैलपुत्री'