Wednesday, October 10, 2018

836-घट-स्थापना

 घट -स्थापना 

डॉ.कविता भट्ट 

हे  पिता मेरे !
करते हुए आज
घट- स्थापना
स्नेह -जल भरना
घट-भीतर
और अक्षत कुछ
मेरे नाम के
उसमें डाल देना
कुछ जौ बोना
हरियाली के लिए
स्नेह में भिगोकर,
फलेगी पूजा
बिन जप-पूजन
मेरे नाम से
अभिमंत्रित कर
नित्य सींचना
ओ ! मेरे सूत्रधार
गर्भ में बोया
है मुझे तुमने ही
अंकुरित हूँ
अब प्रथम बीज
हूँ शैलपुत्री
बनूँगी सिद्धिदात्री
ध्यान रखना !
नष्ट नहीं हो जाए
गर्भ में अंकुरण !!
-०-
(चित्र : गूगल से साभार )

18 comments:

anita manda said...

सकारात्मक ऊर्जा लिए चोका।

Sudershan Ratnakar said...

बहुत सुंदर भाव

Pushpa Mehra said...


'अब प्रथम बीज हूँ ...........नष्ट नहीं हो जाए गर्भ में अंकुरण 'माँ से प्रार्थना स्वरूप बहुत गहरा भाव लिए पंक्तियाँ हैं|कविता जी बधाई
पुष्पा मेहरा

Dilbag Virk said...

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 11.10.18 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3121 में दिया जाएगा

धन्यवाद

surangma yadav said...

कन्या भ्रूण की पिता से गुहार बहुत ही हृदयस्पर्शी बन पड़ी है। कविता जी बहुत-बहुत बधाई ।

भावना सक्सैना said...

सार्थक रचना कविता जी, बधाई।

Krishna said...

बहुत गहन अर्थपूर्ण चोका....कविता जी बहुत बधाई।

Kavita Bhatt said...

आप सभी आत्मीय जनों का हार्दिक आभार।

Kavita Bhatt said...

हार्दिक आभार महोदय।

Satya Sharma said...

बहुत ही सारगर्भित , बहुत ही उम्दा चोका ।
हार्दिक बधाई कविता जी

Dr.Bhawna said...

बहुत सकारात्मक सोच बहुत अच्छा लगा पढ़कर बहुत बहुत बधाई

Shashi Padha said...

न तो शब्दाडम्बर, न खुल के बात कही
किन्तु लेखनी ने सुना दी खरी-सही
हर गर्भ से जन्म लेगी शक्तिरूपा
पावन गंगा यूँ निर्भय हो कर बही|

इन रचना के माध्यम से कविता ने कन्या भ्रूण हत्या की ओर जन -जन को सचेत किया है| ऐसी रचनाएँ ही कालजयी मानी जायेंगी | बधाई कविता को|

शुभाशीष |

Kusum Kothari said...

वाह अनुपम, सुंदर!!

Kamla Nikhurpa said...

बेजोड़ भाव और सहज अभिव्यक्ति , बधाई कविताजी

ज्योति-कलश said...

anupam srijan !
haardik badhaii kavita ji !

Dr. Purva Sharma said...

अद्भुत सृजन ....
हार्दिक अभिनंदन

Rohitas ghorela said...

अद्भुत कृति.
शानदार लेखन.

हद पार इश्क 

vimal lal said...

कविता का आज के संदर्भ मे सार्थक संदेश है ।देवी उपासना की परम्परा अनादि काल से है सांस्कृतिक पहचान के रूप मे शक्ति की आराधना हमे असीम ऊर्जा प्रदान करती है ।