Friday, September 20, 2013

आँसू भी ढर आए ।

डॉ सरस्वती माथुर
1
नैना क्यों भर आए
तुमको देखा तो
आँसू भी ढर आए ।
2
पनघट पे आ जाना 
मीठी बातों से
तुम मन बहला  जाना 
3
चंदा ने देखा है
नभ के आँगन में
काजल की रेखा है ।
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2 comments:

Anupama Tripathi said...

सभी महिया बहुत सरस एवं भावप्रबल सरस्वती जी .......!!

मंजुल भटनागर said...

चंदा ने देखा है
नभ के आँगन में
काजल की रेखा है ।सुन्दर माहिया लिखने के लिए बधाई ,मंजुल भटनागर