Wednesday, April 27, 2016

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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा
1
बनकर पंछी चहका
सूरज की आहट
कलियों का मन महका ।
2
कितना बेहाल करे
तड़की मन धरणी
नैनों के ताल भरे ।
3
आए हो ,रुक जाओ
ओ बादल ! प्यासी-
धरती पर झुक जाओ ।
4
अब क्या फ़रियाद करें ?
पल भर भूलें हों
तो तुमको याद करें ।
5
कैसे दुख ने घेरा
जागी आँखों से
मुँह सपनों ने फेरा ।
6
आदत तड़पाने की
आते ही बातें
करते हो जाने की ।
7
सोचा दिन-रात करूँ
आओ तो, तुमको
देखूँ या बात करूँ ।
8
हैं घड़ियाँ मुश्किल की
लाख छुपाया था
जग जान गया दिल की ।
9
मुझको परवाह नहीं
बस उन अधरों पे
आने दूँ आह नहीं ।
10
ख़ुशियों का डेरा है
वैरी जग सारा
कोई तो मेरा है ।
11
शूलों में फूल खिले
महके , मुस्काए
हर गम को भूल मिले ।
12
देकर रूमाल गए
नैना परदेसी
जादू -सा डाल गए ।

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15 comments:

anita manda said...

ज्योत्स्ना जी बहुत सुंदर भाव व गेयता लिए हुए आपके सभी माहिया एक से बढ़कर एक लगे।

ऋता शेखर मधु said...

सभी माहिया खूबसूरत, अन्तिम माहिया बहुत अच्छा है|
दो सौ माहिया रचना सच में अद्भुत है |बधाई स्वीकारें ज्योत्सना जी|

Pushpa Mehra said...


पंछी बना सूरज,मन धरा का तड़कना नैन- ताल का भरना,बादलों का आवाहन ,सपने ही तो मन की ऊर्जा का श्रोत हैं वे ही न रहें तो जीवन के दुखों को भुलाने में कौन सहायक होगा-भाव दर्शाते, शब्द -शब्द को भावों से रँगते माहिया के सभी भाव मन में गहरे समा रहे हैं| ज्योत्स्ना जी सुंदर सृजन हेतु बधाई |

पुष्पा मेहरा

सीमा स्‍मृति said...

कैसे दुख ने घेरा
जागी आँखों से
मुँह सपनों ने फेरा ।

एक से एक बढ़कर महिया ज्योत्स्ना जी बहुत सुंदर भाव। हार्दिक बधाई।

ज्योति-कलश said...

इस स्नेह भरे प्रोत्साहन के लिए आ भैया जी , हरदीप जी , पुष्पा दीदी , ऋता जी एवम् अनिता जी के प्रति हृदय से आभारी हूँ !

ज्योति-कलश said...

सीमा जी का भी दिल से शुक्रिया :)

jyotsana pardeep said...


पहले तो दो सौ महिया रचनें के लिए बधाई ज्योत्स्ना जी !!!
सभी महिया बहुत प्यारे हैं इसने तो मन मोह लिया। ..
.देकर रूमाल गए
नैना परदेसी
जादू -सा डाल गए ।
ये पढ़ा। ....

ख़ुशियों का डेरा है
वैरी जग सारा
कोई तो मेरा है ।
मुझे मेरा एक महिया याद आ गया -

अहसास बड़ा प्यारा-
तेरा कोई है
बैरी फिर जग सारा ।

आप इसी तरह लिखती रहे... इन्हीं शुभकामनाओं के साथ -
ज्योत्स्ना प्रदीप

April 28, 2016 at 4:38 PM Delete

Savita Aggarwal said...

सभी महिया एक से बढ़कर एक हैं विशेषकर देकर रुमाल गए ....। हार्दिक बधाई ।.

Vibha Rashmi said...

ज्योत्सना जी सभी माहिया प्यारे हैं । खास कर
दे कर रूमाल गये
नैना परदेसी
जादू सा डाल गए ।

वाह !

Vibha Rashmi said...

ज्योत्सना जी सभी माहिया प्यारे हैं । खास कर
दे कर रूमाल गये
नैना परदेसी
जादू सा डाल गए ।

वाह !

Kamla Ghataaura said...

ज्योत्सना जी सभी माहिया बहुत सुन्दर और लय युक्त हैं । एक से बड़कर एक ।बधाई ।

ज्योति-कलश said...

आप सभी का हृदय से धन्यवाद !

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा

Dr.Bhawna said...

200 mahiya wow bahut bahut badhai...

Kashmiri Lal said...

जीवन की परिभाषा

प्रियंका गुप्ता said...

बहुत सुन्दर माहिया हैं...बहुत बधाई...|