Thursday, October 22, 2015

प्यारा ये सन्नाटा



प्रियंका गुप्ता
1
मैंने था मारा
भीतर का रावण
पिछली बार ;
फिर झाँका तो पाया
रावण मरा नहीं ।
-0-


मंजूषा मन
1
ये राज़ पुराने हैं
खोल दिए सारे
फिर भी ना जाने हैं।
2
हमसे वो यूँ बोले
कड़वे बोल बड़े
सुनकर ये दिल डोले।
3
ये सीपों में मोती
नदिया सागर से
मिलकर है क्यों रोती।
4
प्यारा ये सन्नाटा
इसने ही हमसे
है सारा दुख बाँटा।
5
काली कमली ढकके
 सोया है चंदा
 बादल तकिया रखके।
 -0-
डॉ०पूर्णिमा राय
1
हर दिल की चाहत हो-
सुख महके अँना
कष्टों से राहत हो।।
2
पलकें ये जब झपकें
तेरी यादों में
बरबस आँसू टपकें।।
3
भोली सूरत भाये
दिल उजला उसका
नैना ये मुस्का।।
4
ये दिल है दीवाना
सपने नित देखे
सपनों में तुम आना।।
5
चुपके से आना तुम
सुनकर कोयल को,
मीठा ही गाना तुम।।
6
पैरो़ं में पायल है
रुनझुन घुँरू से
दिल होता घायल है।।
-0-

15 comments:

anita manda said...

प्रियंका जी सुंदर ताँका। मञ्जूषा जी, पूर्णिमा जी बहुत सुंदर माहिया। सबको बधाई।

sushila said...

तीनों रचनाकारों को सुंदर सृजन के लिए बहुत-बहुत बधाई !

विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ !

ऋता शेखर मधु said...

प्रियंका का ताँका यथार्थ का आइना है...भीतर के रावण को मारने का सतत प्रयास होना ही असल विजयपर्व है...बधाई प्रियंका !
भावपूर्ण माहिया के लिए मञ्जूषा जी, पूर्णिमा जी को बधाई !

Pushpa Mehra said...

सभी रचनाएँ बहुत सुंदर हैं , रचनाकारों को बधाई |
पुष्पा मेहरा

Manju Gupta said...

तांका , सभी माहिया एक से बढकर एक हैं .

प्रियंका जी , मञ्जूषा जी, पूर्णिमा जी सबको बधाई।


आप सब को सपरिवार विजयदशमी की हार्दिक शुभकामनाये .

jyotsana pardeep said...



sahi kaha priyanka ji .man mein chupe ravan ko marna asaan nahin ...bahut khoob !
manjusha ji evam purnima ji ke mahiya bade hi sundar v bhaavpurn lage
aap teenon rachnakaaron ko hridy se badhai !

vijay parv ki dheron badhaiyaan !

Krishna said...

सुन्दर ताँका और माहिया।

विजय पर्व की आप सब को शुभकामनाएँ।

प्रियंका गुप्ता said...

आप सबके इतने प्यारे और उत्साहवर्द्धक कमेंट्स पढ़ कर मन प्रसन्न हो गया...बहुत बहुत आभार...|
पूर्णिमा जी और मंजूषा जी...आप दोनों के माहिया बहुत बढ़िया लगे...| आप दोनों को हार्दिक बधाई...|

Dr Purnima Rai said...

प्रियंका जी एवं मंजूषा जी बहुत खूब।।


माहिया रचना पसंद करने हेतु सभी रचनाकारों का हार्दिक आभार!!

Dr Purnima Rai said...

प्रियंका जी एवं मंजूषा जी बहुत खूब।।


माहिया रचना पसंद करने हेतु सभी रचनाकारों का हार्दिक आभार!!

Dr.Bhawna said...

tanka mahiya bahut achhe lage sabhiko badhai..

Sudershan Ratnakar said...

ताँका,माहिया तीनों रचनाकारों की रचनाएँ बहु सुंदर। बधाई।

Kashmiri lal said...

सभी को बधाई

Savita Aggarwal said...

आप सभी को तांका और माहिया द्वारा सुन्दर अभ्व्यक्ति के लिए हार्दिक बधाई |

ज्योति-कलश said...

sundar ,saarthak taanakaa aur mohak ,madhur maahiyaa !

Priyanka ji , manjusha ji evam dr. purnima rai ji ko haardik badhaii