Monday, August 17, 2015

ढूँढे नेह का पाश



सुशीला श्योराण
1
इस सावन

गूगल से साभार

बरसीं जो बुँदियाँ
झरी  अँखियाँ
तेरी याद में अम्मा
रोई रतियाँ
टूट गया री अम्मा
यादों का बाँध
बह रही हैं देख
भूली सुधियाँ
भीगे- से सावन में
भीगी माटी के
भीगे-भीगे गीतों में
बढ़ी पींगों में
सरसता वो प्यार
सौंधी ख़ुश्बू ने
तोड़ दिए हैं आज
मन के बाँध
बुला रहा है गाँव
वट की छाँव
हरियल डालियाँ
झूले-सखियाँ
मेंहदी-चूड़ी- संग
रोली बिंदिया
थाल भर घेवर
उठाए हूक
कोयलिया की कूक
छूट गए हैं
तेरे संग ही अम्मा
तीज-त्योहार
वो मान-मनुहार
उजड़ गया
भरा घर-आँगन
तुलसी चौरा
वीरान-सा कँगूरा
तुझे बुलाएँ
बिलखें अकुलाएँ
ये दिन-रैन
जड़ हैं जानें कैसे
नहीं लौटता
जाके कोई वहाँ से
पगले नैना
नहीं छोड़ते आस
तुझे ही ढूँढ़ें
ढूँढे नेह का पाश
तू दिख जाए काश !
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16 comments:

Savita Aggarwal said...

सुशीला जी माँ और घर आँगन की याद दिलाता चोका |बहुत खूब लिखा है |बधाई |

sushila said...

हृदय से आभार सविता जी ।
तीज की बधाई और शुभकामनाएँ !

sushila said...

हृदय से आभार सविता जी ।
तीज की बधाई और शुभकामनाएँ !

sushila said...

हृदय से आभार सविता जी ।
तीज की बधाई और शुभकामनाएँ !

sushila said...

हृदय से आभार सविता जी ।
तीज की बधाई और शुभकामनाएँ !

Krishna said...

मन को छूता आँखों को भिगोता बहुत सुन्दर चोका....तीज की बहुत बधाई सुशीला जी!

Sudershan Ratnakar said...

सुशीलाजी माँ की याद दिलाता बहुत सुंदर चोका बधाई।

Dr.Bhawna said...

बरसीं जो बुँदियाँ
झरी अँखियाँ
तेरी याद में अम्मा
रोई रतियाँ

Sachmuch aankhen bhar ye choka padhkar mano dil udelkar rakh diya meri hardik badhai..

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

मन को भिगो गया चोका सुशीला जी …
इस सुंदर सृजन के लिए आपको बधाई!

~सादर
अनिता ललित

anita manda said...

बेहद खूबसूरत चोका। शुभकामनाये

Shashi Padha said...

भीग गया मन सुशीला जी | बधाई

शशि पाधा

Manju Gupta said...

saavn ki tij kaa sajiv chokaa chitarn . in prvon par piahr yaad to aataa hae .
badhaai

Kashmiri lal said...

सावन का सुंदर चित्रन

Kamla Ghataaura said...

सुशीला जी दिल को छूने वाला चोका लिख कर माँ से दूर बैठी बेटियों की अखियाँ झरनी लगा दी ।मायके का नेह बहुत अनमोल होता है तभी तो सुधियों में बसा रहता है ।बहुत बहुत वधाई ।

ज्योति-कलश said...

ek-ek pankti mn ko chhoo gaii ....maa aur maayake ki kise yaad n aaii hogii ..

haardik badhaaii sushila ji

प्रियंका गुप्ता said...

दिल छू गयी ये मार्मिक पंक्तियाँ...हार्दिक बधाई...|