Saturday, August 1, 2015

सुहानी भोर



 1-डॉ ज्योत्स्ना शर्मा

-0-
2-भोर के रंग
अनिता मण्डा

सुहानी भोर
समेट रख आई
तारों के फूल
उजली किरणों की
शहनाई ले
प्राची दिशा से आया
स्वर्ण- सूरज
गगन में फैलाया
रंग वासंती
धरा का कण-कण
चूमे किरण
ओस-बिन्दु पान से
बुझाई तृष्णा
पेड़ों का झुरमुट
गुंजायमान
कलरव ध्वनि से
हवा से मिल
करें पात नर्त
खिले सुमन
महकी फ़ुलवारी
डोलता फिरे
लोभी भ्रमर-दल
आतुर पंछी
उड़ें खोलके पंख
देखें भोर के रंग।
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12 comments:

ज्योति-कलश said...

bahut sundar hain bhor ke rang !
badhaii Anita ji ..shubh kaamanaayen !

adaraneey Kamboj bhaiya ji evam bahan Hardeep ji ke prati hruday se dhanyawaad ...

mitrata diwas kii agrim shubh kaamanaayen !

saadar
jyotsna sharma

Rekha said...

मैत्री दिवस की बहुत बहुत शुभ कामनाएँ। सुंदर सेदोका और भोर को दृश्यमान करता रमणीय चोका। दोनो कवयित्रियों को हार्दिक बधाई ।

anita manda said...

आदरणीय अंकल जी त्रिवेणी में स्थान देने के लिए हार्दिक आभार।
ज्योत्स्ना जी , रेखा जी उत्साहवर्द्धन के लिए शुक्रिया।

anita manda said...

सेदोका बहुत सुंदर। मैत्री दिवस की सभी को शुभकामनाएँ।

Krishna said...

चोका और सेदोका दोनों मनमोहक....बधाई!

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

बहुत ही सुंदर सेदोका सखी ज्योत्स्ना !
हार्दिक बधाई तथा आपको भी मित्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएँ !

~सादर/ सप्रेम
अनिता ललित

भोर का सुंदर दृश्य-सुंदर चोका अनीता मण्डा जी !
हार्दिक बधाई !

~सादर
अनिता ललित

Dr.Bhawna said...

sedoka ,choka dono hi manbhavan hardik shubhkamnayen...

Pushpa Mehra said...

mitrta divas par likha chitramay sedoka aur subah ki chhata dikhata choka donon sunder hain. jyotsna ji va anita ji badhai.
pushpa mehra.

Shashi Padha said...

सुगंध सखी बनी , बहुत सुन्दर अहसास ज्योत्स्ना जी |

भोर का मनभावन दृश्य है इस चोक में, बधाई अनीता जी |

शशि पाधा

Savita Aggarwal said...

सुन्दर सेदोका और चोका के लिए हार्दिक बधाई |

ज्योति-कलश said...

आप सभी का हृदय से आभार !

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा

प्रियंका गुप्ता said...

मित्रता दिवस पर एक प्यारी सी रचना के लिए बहुत आभार और बधाई ज्योत्सना जी...|
भोर के सुमधुर अहसास से सराबोर पंक्तियों के लिए बहुत बहुत बधाई अनीता जी...|