Thursday, March 5, 2015

होली का है त्योहार



ताँका
1-रेखा रोहतगी
1
पूनो की रात
होली का है त्योहार
आँखों में प्यार
अंग लगे सजनी
जगमग रजनी ।
2
करे कन्हैया
होली के बहाने  से
जो छेड़खानी
रूठी है राधारानी
मनाने से न मानी ।
3
श्याम -रंग में
रंगी जो चुनरिया
होली तो होली
दूजा रंग चढ़ा ना
बीती  उमरिया ।
4
होती थीं कभी
रंगों की बरसातें
तेरी बातों से
भीग जाता था मन
आज भीगी है आँखें ।
-0-
2-अनिता ललित
2-सेदोका
1
पूनम रात
रुपहली चाँदनी
आँखों में भर कर 
हौले से चली-
लिए याद-पालकी
जो छल से छलकी।
2
भर दे कोई
दिल की पिचकारी-
रंगीं सपनों वाली
जो हुई खाली
बीते बरस कई
ये सूखी फुलवारी।

6 comments:

Krishna said...

बहुत मनमोहक सेदोका---रेखा रोहतगी जी, अनीता ललित जी होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

Amit Agarwal said...

bahut sunder!

Anita Lalit (अनिता ललित ) said...

होली के रंग रंगे सभी ताँका !
आप सभी को होली की रंगभरी शुभकामनाएँ!

~सादर
अनिता ललित

Rekha said...

आप सभी को होली की मंगलकनाएँ
सादर , साभिनन्दन
रेखा रोहतगी

Dr.Bhawna said...

होती थीं कभी
रंगों की बरसातें
तेरी बातों से
भीग जाता था मन
आज भीगी है आँखें ।

bahut khub!

Dr.Bhawna said...

भर दे कोई
दिल की पिचकारी-
रंगीं सपनों वाली
जो हुई खाली
बीते बरस कई
ये सूखी फुलवारी।

bahut sundar...