Friday, January 30, 2015

बाल क्रीडा



शशि पाधा
       
 उसे चटाई पर बिठाया था मैंने। अभीअभी बैठना सीखा था उसने । खिड़की के बाहर एक पेड़ था । पेड़ की पत्तियों से छनकर धूप चटाई  पर पड़ रही थी । वो धूप को छूने लगा,अपनी नन्ही-नन्ही अँगुलियों से पकड़ने लगा । पत्तियों की छाया के साथ धूप चटाई पर अनेक चित्र बना रही थी ।कभी बेल बूटे,कभी तितलियाँ और कभी पंछी । वो उन आकारों को देखकर कभी तो किलकारियाँ भर रहा था और कभी उन्हें अपनी छोटीछोटी मुट्ठियों में कैद करने का प्रयत्न कर रहा था । मेरे सामहीने के पोते शिव और धूप के बीच होती इस बाल क्रीडा ने मेरा मन मोह लिया।आप ही बताएँ कि क्या इस से भी मोहक कोई और दृश्य हो सकता है ?
1
मुट्ठी में बाँधे
धूप की तितलियाँ
अबोध शिशु ।
2
 हाथों से छुए
 धूप -परछाइयाँ
 उड़ते पंछी ।
-0-

12 comments:

मेरा साहित्य said...

sahi kaha isse sunder drshy koi ho hi nahi sakta hai
bahut khoob
badhai
rachana

डा सुधेश said...

शशि पाधा की रचना पाल क्रीड़ाओं का यथार्थ चित्र प्रस्तुत करती है । उन्हें बधाई ।
पर ज़रा हाइवन को स्पष्ट करें । मैं इसे नहीं जानता ।

ऋता शेखर मधु said...

सुन्दर शब्द चित्र हाइबन में...सादर बधाई शशि जी को!!

Amit Agarwal said...

Wonderful!

मीनाक्षी said...

बस यही परम सुख है जिसे आपने बेहद खूबसूरत शब्दों में बयान कर दिया .

Manju Gupta said...

bht sundr abhivykti
surdaas ji ki krishn baal liiaa yaad aagii -
mnimy knk nnd kaen aanagan bibb pkrbaen dhaavt
kbhun nirikh hari aapu cha nh kon kr soun pakaran chaahat .

Anonymous said...

bht sundr abhivykti
surdaas ji ki krishn baal liiaa yaad aagii -
mnimy knk nnd kaen aanagan bibb pkrbaen dhaavt
kbhun nirikh hari aapu cha nh kon kr soun pakaran chaahat .

Pushpa Mehra said...

b
bal leela ka sunder chitran hai .shshi ji apko badhai.
pushpa mehra.

ज्योति-कलश said...

मनोमुग्धकारी हाइबन ... सचमुच सुख बरसाती अनुपम रचना है !

हार्दिक बधाई !!

Shashi Padha said...

यह मेरा पहला प्रयास था | आप सब ने पसंद किया , धन्यवाद आप सभी मित्रों एवं सम्पादक द्वय का आभार |
शशि पाधा

jyotsana pardeep said...

bada sunder v sahaj chitran hai baal kreera ka...shashiji aap badhai kee paatr hai.

Savita Aggarwal said...

शशि जी इतने सुन्दर भाव और इस नए प्रयास के लिए हार्दिक बधाई |
सविता अग्रवाल"सवि"