Wednesday, April 16, 2014

यादों के ये बादल

डॉ सरस्वती माथुर
1
मन मेरा है घायल
 छाये आँखों में
यादों के ये  बादल
2
डाली- डाली डोले
यादों की कोयल
मन की पीड़ा खोले
3
मन मेरा डोल रहा
 मन की बाते वो
देखो  ना  खोल रहा
4
चंपा  संग चमेली
तेरी यादें तो
 मेरे मन से खेलीं
-0-

       

3 comments:

Krishna said...

डाली- डाली डोले
यादों की कोयल
मन की पीड़ा खोले ।


बहुत सुन्दर माहिया....बधाई सरस्वती जी !

प्रियंका गुप्ता said...

मन मेरा है घायल
छाये आँखों में
यादों के ये बादल ।
बहुत मार्मिक...| खूबसूरत माहिया के लिए हार्दिक बधाई...|

jyotsana pardeep said...

man mera hai ghyal......bahut sunder...badhai
sarswatiji