Wednesday, January 1, 2014

लौटा दो सुख चैन

सेदोका
1- ज्योत्स्ना प्रदीप
1
नवीन-भोर
नव-विश्वास लिये
विचित्र प्यास लिये,
मेरे देश का
लौटा दो सुख चैन
प्रतीक्षारत नैन 
-0-
ताँका
1- ज्योत्स्ना प्रदीप
1
नव-प्रभात
मुस्कादेखकर
प्रसून,पात
नभ,धरा हर्षित
शुभ-कर्म हों नित
-0-
2-डॉ सरस्वती माथुर
1
नये साल की
सतरंगी किरणें
पड़ी धरा पे
जागी चिड़िया गाती
स्वागत नवगान

-0-

5 comments:

ज्योति-कलश said...

नव विश्वास और चिड़िया का मधुर गान मोहक है ..बहुत बधाई ..ज्योत्स्ना प्रदीप जी एवं सरस्वती जी ...हार्दिक शुभ कामनाएँ !

डॉ. जेन्नी शबनम said...

तीनों रचनाएँ बहुत सुन्दर. नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Shivika Sharma said...

kya baat hai jyotsana ji aur sarawati ji......dil ko chuti rachnaye....aapka nav varsh mangalmaya ho.....

jyotsana pardeep said...

aapke utsah ke liye dhanyavaad jyoti ji aur jenni ji........

Anita (अनिता) said...

नव वर्ष के ख़ूबसूरत सन्देश के साथ बहुत सुन्दर कामना ज्योत्स्ना प्रदीप जी एवं सरस्वती माथुर जी ! :)

~सादर
अनिता ललित