Saturday, November 2, 2013

यादों के दीप

1- अनीता ललित 
1
छोड़े अगर 
दुश्मनी के पटाख़े 
तन-मन जलेगा!
घुल जाएगा 
भीतर ही भीतर 
होगा जीवन धुआँ 
2
माटी का दीया
गर ईर्ष्या में जला
सिर्फ़ जला, न जिया!
दिल में भर
जो नेह-घूँट पिया 
जगमग ही किया!
-0-
2-तुहिना रंजन
1
दीपों की  लड़ी  
जगमग आँगन  
चमके घर-द्वार  
सजी रंगोली  
रंग मनभावन  
शुभ हो आगमन ।
2
 प्रतीक्षारत  
दो अश्रुपूर्ण नैन  
साँस लड़ी जोड़ते   
क्षीण होती लौ   
बुझ रहा ये दिया  
कर भी दो उद्धार  
-0-
3- पुष्पा मेहरा
1
 सजाते रहें
 सदा दीपों की लड़ी
 हिले,झिलमिलाए,
 टूटे न कभी
 बिखरा दें रोशनी
 सजे भाल-भारती।
2
 माटी-तन ले
अमा की देहरी पे
त्याग-सर डूबेंगे,
झुकेंगे नहीं
तेल औ बाती बन
आत्मोत्सर्ग करेंगे।
-0--
4- शशि पुरवार
1
यादों के दीप
फिर हिय में जले
सलोने उजियारे ,
भीगी चाँदनी
खिल उठा चाँद
मन  के अंधियारे ।
2
अखंड दीप
जीवन ,पथ पर
हाँ ,माँ ने  जलाया,
संस्कारों की लौ
महकता आशीष
तिमिर को मिटाया  
-0-
5-कृष्णा वर्मा
1
माटी -पुत्र ने
कपास की बेटी को
जब गले लगाया
प्यार में भीगी
तिल-तिल दमकी
उजियारा फैलाया।
2
खुशियाँ झरीं
जगमग दीपों ने
निशा की माँग भरी,
ऐसा लगता
उतरी धरती पे
रोशनियों की परी।
-0-
6-सुभाष लखेड़ा 
शुभकामना 
दिल में रोशनी हो 
वाणी में चाशनी हो 
यही भावना 
दीपों में हो हमारे
फैलेंगे उजियारे ।
-0-
 7- डॉ सरस्वती माथुर
1
दीपक जले
मन हुआ रोशन
टँगी बंदनवार 
देहरी पर
 खुशनुमा नज़ारा
दीपावली त्योहार l
2
अँधेरी रात
झिलमिल करती
दीपों की फुलकारी
रंग बिरंगी
बुनकर के ज्योति
छाई छटा निराली l
-0-
8- सीमा स्‍मृति
1
है इंतजार
मिटे ये अंधकार
बढ़ता जाए प्‍यार
आतंकी साए
इंसानियत देख
काँपे, सर झुकाए ।

-0-

3 comments:

ज्योति-कलश said...

सुन्दर भावों से परिपूर्ण ..प्रभावी सेदोका ...दीपावली की हार्दिक शुभ कामनाएँ !!

Anupama Tripathi said...

bhavpoorn sadoka ...sabhi ...!!dipawali ki shubhkamnayen ...!!

KAHI UNKAHI said...

खूबसूरत...भावपूर्ण सेदोका...देर से आ पायी इधर...पर सभी को बधाई...|

प्रियंका