Saturday, November 16, 2013

आशा हो नयन में



डॉ  ज्योत्स्ना शर्मा 
1
सजे चमन 
विविध रंग पुष्प 
खिलखिलाएँ
आशा हो नयन में 
सदा सन्मार्ग पाएँ ।
2
अधर सजे 
मधुर मुस्कान से 
शिखर छू लें 
दमके गगन में 
ज्यों विहान हो !
-0-

5 comments:

Pushpa Mehra said...

Aasha aur muskan saath le aage badhate jana hi safalata ki seedhi deta hai. dono tanka bahut hi bhavpurn hain..Jyotsna jiapko badhai

Pushpa mehra

ज्योति-कलश said...

हृदय से धन्यवाद आपका आदरणीया Pushpa Mehra जी |
सादर
ज्योत्स्ना शर्मा

Anita (अनिता) said...

सुंदर भावना हुए बहुत ख़ूबसूरत ताँका ज्योत्स्ना जी!
हार्दिक शुभकामनाएँ

~सादर
अनिता ललित

Anita (अनिता) said...

सुंदर भावना हुए बहुत ख़ूबसूरत ताँका ज्योत्स्ना जी!
हार्दिक शुभकामनाएँ!!!

~सादर
अनिता ललित

ज्योति-कलश said...

बहुत बहुत आभार अनिता जी |

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा