Sunday, September 8, 2013

अम्बर में फूल खिले



सुदर्शन रत्नाकर
  1
अम्बर में फूल खिले
गोधूली में जब
तारों  से चाँद मिले 
2
ख़ामोश निगाहें हैं
देता माँ का दिल
वो पाक दुआएँ हैं ।
3
माँ !ममता की छाया
माना तुम दूर गई
सिर पर तेरा   साया
-0-

2 comments:

Krishna said...

लाजवाब माहिया....बधाई!

ज्योति-कलश said...

सुन्दर भाव पूर्ण माहिया ..बहुत बधाई !
सादर !