Wednesday, September 11, 2013

प्रिय परछाइयाँ !

1-डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा 
1
मुख-मुस्कान 
नयना प्यार -भरे 
माथे पर बिंदिया 
नन्हा -सा मन 
स्वप्न सजाए ,बनूँ 
तेरी परछाई माँ !
2
दूर सितारा 
जो कहे रात मेरा 
होंगी रुसवाइयाँ ,
मन जान ले 
बाँध लेगा भला क्या 
कभी परछाइयाँ !
3
मुझे घेरतीं 
सुधियों की तुम्हारी 
प्रिय  परछाइयाँ !
छेड़ा जो उन्हें 
बनी धुन प्रीत की
बजी शहनाइयाँ
4
धन्य हो धरा !
हरित वृक्ष देते 
रहें तुमको छाया 
अपनों से यूँ 
इतना प्यार भला
कब, किसने पाया ?
-0-
2-रेनु चन्द्रा

1
मैं तेरी छाया
मेरा हम साया तू
साथ साथ चलना
जीवन भर
दीपक बाती जैसा
साथ निभा देना तू।
2
छाया बादल
नेह बन बरसा
मन भीगा -भीगा सा
छाया उत्सव
प्रेम रंग सरसा
मन सतरंगी सा ।
-0-
3-प्रियंका गुप्ता
1
परछाइयाँ
यहाँ-वहाँ बिखरी
कितनी दर्द भरी;
आओ समेटे
खुशी भरी धूप में
फिर से बिखेर दें।
-0-
4-शशि पुरवार
1
मेरा  ही अंश
मुझसे ही  कहता
मै हूँ तेरी ही छाया
जीवन भर
मै तो प्रीत निभाऊँ
क्षणभंगुर माया।
2
जीवन -संध्या
सिमटे हुए पल
फिर तन्हा डगर
ठहर गई
यूँ दो पल नजर
अक्स लगा पराया ।
3
चाँदनी रात
छुपती परछाई
खोल रही है पन्ने,
महकी यादें
दिल की घाटियों मे
घूमता बचपन।
4
जन्म से  नाता
मिली परछाइयाँ
मेरे ही अस्तित्व की ,
खुली तस्वीर 
उजागर करती 
सुख दुःख की छाँव। 


-0-


12 comments:

KAHI UNKAHI said...

इतने अच्छे सेदोका के साथ मुझे भी स्थान देने के लिए बहुत आभार...और साथी रचनाकारों को उनकी उत्कृष्ट रचना पर बधाई...|

प्रियंका गुप्ता

ज्योति-कलश said...

सुन्दर प्रस्तुति ...प्रियंका गुप्ता जी ,रेनू चन्द्रा जी ,शशि पुरवार जी !

.......और ह्रदय से धन्यवाद हमारे लेखन के प्रेरणा स्वरुप आ भाई काम्बोज जी एवं बहन हरदीप जी !!

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा

shashi purwar said...

तहे दिल से आभार भाईसाहब ,संधू बहन जी ,सभी सदोका भुत सुन्दर लगे ज्योत्सना जी आपके सभी सदोका मन भा गए ,प्रियका जी आपके सदोका भी अच्छे लगे , बधाई आप सभी को सखियों

shashi purwar said...

renu ji aapke sadoka bhi bahut acche lage maaf karna sakhi upar naam likhna rah gaya tha ,badhai aapko

renuchandra said...

ज्योतसना जी,प्रियंका जी शशि जी आपके सभी सेदोका बहुत अच्छे लगे । बधाई ! हर दीप जी एवं कम्बोज जी को धन्यवाद ।

Aparna Bose said...

ek se badhkar ek sedoka... sundar prastuti

Pushpa Mehra said...

chandani rat chupati parchain...., parchaian dard se bikhari....,mujhe gherati....,chaya badal...bahut sunder
sedoka hain.
pushpa mehra.

Subhash Chandra Lakhera said...

सभी सेदोका बहुत अच्छे लगे । आप सभी को बधाई !

मदन मोहन सक्सेना said...


त्रिवेणी
बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!गणेशोत्सव की हार्दिक शुभकामनायें.
कभी यहाँ भी पधारें।
सादर मदन

Reena Maurya said...

सभी बहुत ही अच्छे :-)

jyotsana pradeep said...

jyotsanaji,shashiji,renuji aur priyankaji,,,,,parchaiyon me bhi chetna bharne ke liye bohot bohot badhai!!!

ज्योति-कलश said...

सुन्दर ,प्रेरक वचनों से उत्साह वर्धन हेतु आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद !

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा