Sunday, September 8, 2013

प्रार्थना !



डॉ ज्योत्स्ना शर्मा
पालनहार !
आत्मीयता से भरे
पलों के ऐसे हार,
स्नेह अपार
त्रिवेणी की वेणी में
गूँथना बार- बार
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4 comments:

shashi purwar said...

waah jyotsana ji bahut sundar bhav abhivyakti .badhai sakhi :)

Krishna said...

बहुत सुन्दर....बधाई!

डॉ. जेन्नी शबनम said...

बहुत सुन्दर...

त्रिवेणी की वेणी में
गूँथना बार- बार

बधाई ज्योत्स्ना जी.

ज्योति-कलश said...

हृदय से आभार ...शशि जी ,कृष्णा जी एवं जेन्नी जी |

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा