Thursday, August 15, 2013

कर अभिनन्दन

सबको स्वाधीनता दिवस की असीम शुभकामनाएँ !
सम्पादक द्वय
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डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा 
1
रे कवि मन 
बस अब वीरों का 
कर अभिनन्दन 
भाए न मुझे 
बिंदिया या कजरे 
कंगन का वंदन ।
2
लें केसरिया 
गूँज उठे धरती 
केसरी -सा गर्जन 
जागें जो सोए 
शावक सिंहनी के 
डरे, विद्रोही मन ।
3
धवल कान्ति 
बने मन निर्मल 
सौम्य शांत उज्ज्वल 
तिरंगा मेरा 
जग में फहराए
सुख -शान्ति बढ़ाए ।
4
क्षमा सहेजें 
अनाचार गद्दार 
कभी नहीं स्वीकार,
उग्र तेज से 
रहे दीपित माथा 
लिखें गौरव गाथा ।
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6 comments:

ऋता शेखर मधु said...

वाह...सभी सेदोका देशभक्ति की भावना से ओत प्रोत है|
डॉ ज्योत्सना शर्मा जी एवं त्रिवेणी परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई!!

Subhash Chandra Lakhera said...

ज्योत्स्ना जी , आपके सभी सेदोका सामयिक और ऊर्जावान हैं। मुझे ये पंक्तियाँ बहुत ही अच्छी लगीं -- "उग्र तेज से/रहे दीपित माथा/लिखें गौरव गाथा ।" ! आपको बधाई।
आप सभी को आजादी की साल गिरह की हार्दिक शुभकामनाएं !

ज्योति-कलश said...

ऋता शेखर मधु जी ,Subhash Chandra Lakhera जी ...सुन्दर प्रतिक्रिया हेतु हृदय से आभार !
समस्त त्रिवेणी परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ !!

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा

sushila said...

बेहतरीन !

Pushpa Mehra said...

jyotsna ji apke sabhi sedoka desh bhkti se otprot hain manga divas ki subh kamnayen.

pushp mehra

ज्योति-कलश said...

हृदय से आभार ....aa Pushpa Mehra ji evam Sushila ji

saadar

jyotsna sharma