Sunday, July 14, 2013

वक़्त की थाप

1- डॉ जेन्नी शबनम 
1.
जीवन होता 
पानी का बुलबुला 
न दो पल का पता,
क्षणभंगु,
चाह होती जिन्दा तो  
अमिट हो जीवन ! 
 2.
पानी-सा मन 
बह जाता उधर ,
होता ढाल जिधर
फिर भी यह
वक़्त की थाप पर 
थिरकता मगर !
-0-
2-ऋता शेखर मधु
1
झुकी पलक
आँखों में जो उतरा
था वो लाज का पानी
चमका नूर
दिपदिप  आँगन
चेहरे पे था पानी ।
-0-
3-प्रियंका गुप्ता
1
नैनों में नीर
राधा रही पुकार
रुकोगे नहीं श्याम ?
ऐसे निष्ठुर
क्योंकर हुए भला
भूले नेह-बन्धन ।
--0--
4 -रेनु चन्द्रा
1
ये जीवन है
सुख- दुख संग में
बहता पानी -रेला,
जीत गया वो
पार जो कर गया
जो डूबा, र गया।
2
पानी में अक्स
झिलमिलाते सदा
ठहर नहीं पाते,
यादों के रंग
पानी के पट पर
चित्र बना ना पाते।
-0-
5-सुनीता अग्रवाल
1
विस्मयकारी
बहुरुपिया जल
जीवन गीत कभी ,
मौत की धुन
दर्पण ,मोती कभी
हीरक झिलमिल ।
-0-
6-जीतेन्द्र सिंह कृष्णावत , इंदौर
1
चले जीवन
बहता पानी जैसे
तोड़ सारी सीमाएँ,
जी ले  दो पल
बन जीवनधारा
औरो को दे जीवन
2
भोर के संग
बहेगा जब जल
मुस्काएँगे कमल ,
बज उठता
जैसे जलतरंग
सुन झूमता मन ।
-0-


8 comments:

Kailash Sharma said...

सभी बहुत सुन्दर और प्रभावी...

Sunita Agarwal said...

wahhh bahut se umda rachanaye ... pani hai to beswad berang par rachnakaro ne apni bhawpurn lekhni se ise rang roop swad sab pradaan kar diya .. badhayi evam subhkamnaye .. :)

Subhash Chandra Lakhera said...

पानी को लेकर सभी रचनाकारों ने बेहतरीन सेदोका लिखे हैं। मैं आप सभी से इतना अर्ज करना चाहता हूँ " पानी बचाओ / बेहद जरूरी है / इसका संरक्षण / गंदा न करें / अपनी नदियों को / कुओं व तालाबों को। "
आप सभी को शुभकामनायें !

Pushpa Mehra said...

uprokt sabhi haikukaron ke haiku pani ki alag - alag dharaon me

bat kar alag- alag bhav -roop liye hain. hardik badhai. bahut hi sunder.
pushpa mehra

Krishna said...

बहुत सुन्दर सदोका...आप सब को बधाई!

हरकीरत ' हीर' said...

सभी सेदोका अच्छे लगे ....बधाई सभी को ......!!

ज्योति-कलश said...

बहुत सुन्दर भावपूर्ण सेदोका ...बहुत बधाई सभी रचानाकारों को !

सादर
ज्योत्स्ना शर्मा

डॉ. जेन्नी शबनम said...

सभी सेदोका बहुत अच्छे लगे. सभी को हार्दिक बधाई.