Monday, April 29, 2013

मौसम सर्द हुआ


शशि पुरवार
1
ये मौसम सर्द हुआ
तुम तो रूठ गए
जीवन बेदर्द हुआ ।
2
दिल में फिर टीस जगी 
सुप्त पड़े रिश्ते
जीवन  में आग लगी  
3
वे याद  रही कसमें 
पिय संग निभाई ,
जो वेदी पे रस्में 

4
नीला नभ ठहरा है 
सच्चा प्यार सदा 
इससे भी गहरा है ।
-0-

8 comments:

Dr.Bhawna said...

Sundar...

Pushpa Mehra said...

Bahut Achha hai pyar mera sachha hai neele nabh se bhi zyadai


Pushpa

shashi purwar said...

tahe dil se abhaar maananiye sampadak sandhu ji kamboj ji . hamen shamil karne ke liye .

हरकीरत ' हीर' said...

वे याद रही कसमें
पिय संग निभाई ,
जो वेदी पे रस्में ।

bahut sunder ....!!

Krishna said...

नीला नभ ठहरा है
प्यार मेरा सच्चा
इससे भी गहरा है .
बहुत बढ़िया।

डॉ. जेन्नी शबनम said...

बहुत सुन्दर माहिया, बधाई.

KAHI UNKAHI said...

ये मौसम सर्द हुआ
तुम तो रूठ गए
जीवन बेदर्द हुआ ।
भावपूर्ण माहिया...बधाई...|

KAHI UNKAHI said...

ये मौसम सर्द हुआ
तुम तो रूठ गए
जीवन बेदर्द हुआ ।
बहुत भावपूर्ण माहिया...बधाई...|