Wednesday, February 27, 2013

मौसम मनमीत हुआ


कृष्णा वर्मा
1
मौसम ने रुख बदला
मन उड़ लिपट गया
उन यादों से पगला।
2
डाली लद लचकी है
भौरे दीवाने
कलियाँ जो चटकी हैं
3
ऋतु करवट बदल रही
बाग-बगीचों की
तकदीरें पलट रही।
4
पेड़ों पर हरियाली
झूम उठी शाखें
चिड़ियाँ हैं मतवाली।
5
पेड़ों पर नूर खिले
लाज -भरी लतिका
हँस-हँस के कण्ठ मिले।
6
मौसम जो सौदाई
मीठी चुभन हुई
अँखियाँ भर-भर आईं ।
7
दीवानी पवन बही
मन ने मन से जा
गुप-चुप  हर बात कही।
8
मौसम मनमीत  हुआ
लौ की तारों ने
दिल को जब आन छुआ।
-0-

5 comments:

renuchandra said...

मौसम ने रुख बदला
मन उड़ लिपट गया
उन यादों से पगला।.........

सभी माहिया अच्छे लगे। कृष्णा जी बधाई।
रेनु चन्द्रा

Anupama Tripathi said...

bahut bhav prabal mahiya ......
shubhkamnayen .

KAHI UNKAHI said...

बहुत सुन्दर माहिया हैं...हार्दिक बधाई...|

प्रियंका

Dr.Bhawna said...

मौसम ने रुख बदला
मन उड़ लिपट गया
उन यादों से पगला।

javaab nahi...bahut achchha likha hai ye aapne bahut2 badhai...

Shashi said...

मौसम के इन्द्रधनुषी रंगों में रंगे सभी माहिया आकर्षक | लगा होली की तैयारी हो रही है | बधाई |