Tuesday, November 20, 2012

कार्तिक माह (चोका)

रेनू चन्द्रा
कार्तिक मास
तड़के उठ कर
स्नान- पूजन
देव- आरती करूँ
श्रद्धापूर्वक
तुलसी को दीपक
जलाकर मैं
मन में आस धरूँ

तुलसी ब्याह करूँ।

      

2 comments:

KAHI UNKAHI said...

बहुत अच्छा चोका है...बधाई...।
प्रियंका

Anonymous said...

फिर ग्यारस
मेरे मन की साध
तुलसी ब्याह करूँ।

यह बहिन रेनू जुड़ नहीं पाया ...यदि इन्हें कुछ भाव देंतीं तो अच्छा

था , कुछ भी लिख देना चोका नहीं होता , कोशिश जारी रखें !अन्यथा न लें!

रमाकांत