Wednesday, March 14, 2012

टेसू के फूल


15 comments:

दिलबाग विर्क said...

सुंदर प्रस्तुति

Anonymous said...

रचना जी आपके हाइगा बहुत मन भाए।
कृष्णा वर्मा

RITU said...

सुन्दर..!

manukavya said...

सूरज के गाल पे टेसू के फूल और मलने वाली हवा... वाह ! क्या सुंदर कल्पना गढ़ी है... बहुत सुंदर रचना... पढ़ा कर मन प्रसन्न हो गया...

Dr.Bhawna said...

Suraj ke gaal par tesu ke phul bahut khub kaha bahut pyare hain dono hi haiga...bahut2 badhai...

shashi purwar said...

waah sunder prastuti .......badhai

Jyotirmai said...

bahut sundar haigaRachna ji!

Anonymous said...

बहुत सुंदर हाइगा...बहुत बहुत बधाई रचनाजी.
.सरस्वती माथुर

Rachana said...

aap sabhi ka bahut bahut abhar .
aapke sneh shabdon ki hamesha jarurat rahti hai
dhnyavad
rachana

Rama said...

बहुत खूबसूरत हाइगा रचना जी |हरदीप जी के चित्रों ने और भी सुन्दर बना दिया है ....रचना जी व हरदीप जी को बधाई ...

डा. रमा द्विवेदी

ज्योत्स्ना शर्मा said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...मनमोहक ...!

expression said...

बहुत सुन्दर हाईगा...
सादर.

Amrita Tanmay said...

सुन्दर..

Kailash Sharma said...

बहुत सुंदर...

KAHI UNKAHI said...

सूरज के गाल पर टेसू के फूल मलना...वाह ! बहुत सुन्दर...बधाई...।